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जिंदगी का हर दिन ईश्वर की डायरी का एक पन्ना है..तरह-तरह के रंग बिखरते हैं इसपे..कभी लाल..पीले..हरे तो कभी काले सफ़ेद...और हर रंग से बन जाती है कविता..कभी खुशियों से झिलमिलाती है कविता ..कभी उमंगो से लहलहाती है..तो कभी उदासी और खालीपन के सारे किस्से बयां कर देती है कविता.. ..हाँ कविता.--मेरे एहसास और जज्बात की कहानी..तो मेरी जिंदगी के हर रंग से रूबरू होने के लिए पढ़ लीजिये ये पंखुरी की "ओस की बूँद"

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Tuesday, 22 April 2014

विश्व पृथ्वी दिवस

२२ अप्रैल  प्यारे मित्रों आप सभी जानते हैं की आज विश्व पृथ्वी दिवस है .. पहले सोचा कोई कविता लिखूँ फिर सोचा की कोई लेख लिखू लोगो को जगाने के लिए फिर अचानक दिमाग पलटा और  सोचा की दूसरो को कुछ सिखाने के लिए पहले खुद उस चीज पर अमल करना जरुरी है .. तो बस वही मैंने विश्व पृथ्वी दिवस पर सोचा बनाया और अब आप सबके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ

प्लास्टिक हमारे देश की एक बहुत बड़ी समस्या है इसलिए उसे कम इस्तेमाल करे करना भी पड़ रहा है  तो उस प्लास्टिक को फेंके नहीं बल्कि उसे  re-use करने की कोशिश करें ,पृथ्वी की बात हो और पेड़ पौधों की बात न हो तो बेईमानी होगी तो  मैंने यही किया घर में पड़ी बेकार प्लास्टिक बोतलों को काटा (कैंची) से आराम से कट जाती हैं फिर उन्हें धागे या तार की सहायता से बाँध दिया और ऊपर के दो बोतल में छोटा सा छेद कर दिया मन हो तो थोडा सा रंग कीजिये  और बन गए घर में लगाने के लिए सुन्दर सुन्दर प्लांटर्स इनमे छोटे पौधे लगा के आप कहीं पे भी टांग सकते हैं

जब अपने हाथ से बने प्लान्टर में लगाये हुए पौधे को बड़ा होते देखती हूँ तो यकीन मानिये उससे ज्यादा संतोषजनक कुछ नहीं लगता उस समय मन से स्वतः ही कविता बहने लगती है रंगों में फूलो में  मिटटी में पौधों में सब जगह बस कविता ही कविता दिखती है

आप भी इसे बना कर देखिये

छोटे छोटे पौधों में जब छोटे छोटे फूल खिलेंगे
तन मन की सारी पीड़ा वो पल भर  में  हर लेंगे
रखना ध्यान इस बगिया के इन नन्हे मुन्नों का
देखना कैसे घर-आँगन  को ये हरा भरा कर देंगे

------------------------------------------------------पारुल'पंखुरी





------picture  by my own digi cam 

9 comments:

  1. सार्थक रचना ... दिन के महत्त्व को बाखूबी लिखा है ...

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  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीयचर्चा मंच पर ।।

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  3. very very nice re-usage of plastic bottles :)

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  4. बहुत सुन्दर..

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  5. बहुत सुन्दर सन्देश
    घर आँगन पेड़ पौधों के बिना सूना है

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  6. सुन्दर बात और सार्थक सलाह ..... ज़रूर बनायेंगें

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  7. शुक्रिया आप सभी का :-)

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