पंखुरी के ब्लॉग पे आपका स्वागत है..

जिंदगी का हर दिन ईश्वर की डायरी का एक पन्ना है..तरह-तरह के रंग बिखरते हैं इसपे..कभी लाल..पीले..हरे तो कभी काले सफ़ेद...और हर रंग से बन जाती है कविता..कभी खुशियों से झिलमिलाती है कविता ..कभी उमंगो से लहलहाती है..तो कभी उदासी और खालीपन के सारे किस्से बयां कर देती है कविता.. ..हाँ कविता.--मेरे एहसास और जज्बात की कहानी..तो मेरी जिंदगी के हर रंग से रूबरू होने के लिए पढ़ लीजिये ये पंखुरी की "ओस की बूँद"

मेरी कवितायें पसंद आई तो मुझसे जुड़िये

Sunday, 3 March 2013

गिरधर से पयोधर...



प्यारे दोस्तों होली आने वाली है ..मुझे पसंद भी बहुत है ..रंग गुलाल ..लेकिन होली का नाम आते ही सबसे पहले जो मेरे मन  में आते  है वो है मेरे कृष्णा ....उन्ही की कृपा से मैंने ये भजन उनके लिए लिखा है ...और इसकी धुन बनाकर इसको  गाने का भी प्रयास किया है ...मेरी कोशिश आपको कैसी लगी ये तो आप ही मुझे बताएँगे ...भजन का ऑडियो लिंक संलग्न है..सुनने के लिए प्ले के बटन पर क्लिक कीजिये









कान्हा तू गिरधर से पयोधर आज बन जा रे ...
बंसी मधुर बजा के अपनी जादू कोई कर जा रे ...
कान्हा तू गिरधर से पयोधर आज बन जा रे ...

राधा का मन विरह से आकुल ..कब से देखे बाट रे ..
सावन सूखा बीते कान्हा ..तू आया ना बरसात रे ...
कान्हा तू गिरधर से पयोधर आज बन जा रे ...


मोरमुकुट किशना तुम कारे ...श्याम रंग के बादल सारे ...
ले बादल का रूप कन्हैया .. झम -झम बरसो आज रे ....
कान्हा तू गिरधर से पयोधर आज बन जा रे ...

ग्वाल बाल गोपी हैं पुकारें ...कब डारोगे प्रीत फुहारें ..
जलती गैया जलते उपवन ...हर लो अब ये त्रास रे ...
कान्हा तू गिरधर से पयोधर आज बन जा रे ...
कान्हा तू गिरधर से पयोधर आज बन जा रे ...

पयोधर---बादल 

--------------पारुल'पंखुरी '















































31 comments:

  1. बहुत अच्छा लगा भजन और आपकी आवाज़ ने तो इसमें चार चाँद लगा दिये।


    सादर

    ReplyDelete
  2. भक्ति से ओतप्रोत कन्हैया जी को समर्पित भजन | बहुत ही सुरीले अंदाज़ में अर्पित किया आपने अपने भावों को | मैं तो कहता हूँ ४ नहीं ६४ चाँद लगा दिए आपने इस भजन की प्रस्तुति में | बधाई


    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर गीत परन्तु आपकी आवाज से बंचित रह गए
    latest post होली

    ReplyDelete
  4. भजन भी अद्भुत और गायिकी भी और हाँ , आपकी आवाज़ भी शानदार , बार बार सुनने को ललचाती हुई ।

    ReplyDelete
  5. बहुत ही सुंदर भजन,,,,स्लो नेट के कारण भजन ठीक से नही सुन सका,,,,

    RECENT POST: पिता.

    ReplyDelete
  6. बहुत सुंदर स्तुति गीत ....मनमोहक प्रस्तुति

    ReplyDelete
  7. सुंदर रचना
    बधाई

    ReplyDelete
  8. पारुल 'पंखुरी ' जी आभार ! आपके निर्देश अनुसार मैंने फिर कोशिश की और आपका गीत सुनने में सफल हुआ .आपका गीत जितना मधुर है ततोधिक मधुर आपकी आवाज .दिल तक उतर गया .भक्ति रस दिलोदिमाग छा गया .आभार !

    ReplyDelete
  9. प्यारे कान्हा सा ही प्यारा गीत ...... :)

    ReplyDelete
  10. पारुल.
    सुंदर स्वर और सुंदर शब्द. यह तुम 'काव्यालय' में पेश कर चुकी हो...दुबारा सुनना अच्छा लगा :)
    एक करेक्शन करना होगा : अपनी जादू'' नहीं 'अपना जादू' होना चाहिए.

    ReplyDelete
    Replies
    1. thanx for coming raju ..haan correction to karna hai maine apni ke baaad coma nahi lagaaya ..bansi madhur baja ke apni, jaadu koi kar ja re ..apni yaha bansi ke liye prayukt hua hai :-)

      Delete
  11. बहुत ही सुन्दर भजन लिखा है आपने..
    और बहुत ही खूबसूरती से इसे गाया भी है...
    :-)

    ReplyDelete
  12. नेट स्पीड कम होने के कारण आडियो नही सुन पाया पर गीत के बोल काफी सुंदर हैं

    ReplyDelete
  13. .बहुत ही सुन्दर ,आभार.

    ReplyDelete
  14. bahut khoob,, as always... par afsos sun nhi paaya...

    ReplyDelete
    Replies
    1. widget mei play ke button par clik karenge to sun paayenge

      Delete
  15. फिर से सुनना उतना ही अच्छा लगा ...जैसे पहले सुना था ....
    शुभ-कामनायें :)

    ReplyDelete
  16. मंगलवार 26/03/2013 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं .... !!
    आपके सुझावों का स्वागत है .... !!
    धन्यवाद .... !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. vibha ji aapka blog par bahut bahut swagat aur meri rachna ko shamil karne ke liye dhanyavaad :-)

      Delete

  17. तन दिया है मन दिया है और जीवन दे दिया
    प्रभु आपको इस तुच्छ का है लाखों लाखों शुक्रिया

    चाहें दौलत हो ना हो कि पास अपने प्यार हो
    प्रेम के रिश्ते हों सबसे ,प्यार का संसार हो
    बहुत ही अच्छा लिखा आपने .बहुत ही भावनामई रचना .बहुत बधाई आपको .मेरे ब्लॉग पर आने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद .

    ReplyDelete
  18. aap sabhi mitro ka blog par aane evam bhajan ko saraahne ke liye bahut bahut dhanyavaad :-)

    ReplyDelete
  19. खूबसूरत आवाज़ में मनोहारी भजन .... सुन्दर

    ReplyDelete
  20. सुन्दर भावमय भजन ओर उतना ही सुंडल आपका गला जैसे सरस्वती का वास हो ...
    सुन्दर अतिसुन्दर ...

    ReplyDelete
  21. वाह .... भक्ति भाव से ओत प्रोत बहुत मीठी और मनभावन रचना ....जय श्री कृष्णा जी ...

    ReplyDelete
  22. हाह! जितनी बार सुनो अच्छा ही लगता है.

    कुछ आवाज का जादू है, कुछ शब्दों का असर है,
    खोया जाये होश, न जाने ये कैसा असर है.
    बाहर सुखा, मन भींग गया अंतर में
    ना बादल छाये, न बरसात हुई
    किसने किया ये जादू, ये कौन जादूगर है.

    KAVYA SUDHA (काव्य सुधा)




    ReplyDelete
  23. सुन्दर भक्तिगीत, और सुन्दर आवाज़ भी दी गयी है। पहली बार आना हुआ आपके ब्लॉग पर। आशा है यूँही सुन्दर रचनाएँ मिलती रहेंगी यहाँ पढने को। ढेरों शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  24. कान्हा आप पर प्रेम की वर्षा जरूर करेंगे। जय राधाकृष्ण!

    ReplyDelete
  25. बहुत बढ़िया प्रस्तुति ...
    आपको होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    ReplyDelete
  26. बहुत सुन्दर पारुल....
    <3
    सस्नेह
    अनु

    ReplyDelete

मित्रो ....मेरी रचनाओं एवं विचारो पर कृपया अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दे ... सकारात्मक टिपण्णी से जहा हौसला बढ़ जाता है और अच्छा करने का ..वही नकारात्मक टिपण्णी से अपने को सुधारने के मौके मिल जाते हैं ..आपकी राय आपके विचारों का तहे दिल से मेरे ब्लॉग पर स्वागत है :-) खूब बातें कीजिये क्युकी "बात करने से ही बात बनती है "

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...